यह योजना क्या देती है
2018 में शुरू हुआ खेलो इंडिया कार्यक्रम भारत में खेल संस्कृति को जड़ से मज़बूत करने का प्रयास है — स्कूल स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा तक। इसके तहत हर साल खेलो इंडिया यूथ गेम्स और खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स आयोजित होते हैं, जिनमें उभरती प्रतिभाओं की पहचान की जाती है। चुने गए "खेलो इंडिया एथलीटों" को 8 वर्षों तक हर साल ₹6.28 लाख की वित्तीय सहायता मिलती है — इसमें प्रशिक्षण, आहार, उपकरण, प्रतियोगिता में भाग लेने का खर्च, और बीमा शामिल है। कार्यक्रम के तहत देश भर में खेल बुनियादी ढांचे (स्टेडियम, अकादमी) का विकास भी किया जा रहा है।
कौन पात्र है
- खेलो इंडिया यूथ गेम्स, यूनिवर्सिटी गेम्स, या राज्य/राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवा खिलाड़ी।
- चयन खेल-प्रदर्शन और प्रतिभा पहचान प्रक्रिया के आधार पर होता है — सीधा व्यक्तिगत आवेदन का कोई सामान्य फॉर्म नहीं है।
- स्कूल और कॉलेज स्तर के खिलाड़ी खेलो इंडिया गेम्स में भाग लेकर पहचाने जा सकते हैं।
आवश्यक दस्तावेज़
- आयु प्रमाण
- खेल उपलब्धि प्रमाण पत्र (राज्य/राष्ट्रीय स्तर)
- स्कूल/कॉलेज नामांकन प्रमाण
- आधार कार्ड
कैसे जुड़ें
- अपने स्कूल, कॉलेज, या राज्य खेल संघ के माध्यम से खेलो इंडिया यूथ गेम्स या यूनिवर्सिटी गेम्स में भाग लें।
- राज्य और ज़िला स्तर की चयन प्रक्रियाओं में हिस्सा लें, जो खेलो इंडिया गेम्स के लिए क्वालिफाई करने का रास्ता है।
- उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल महासंघों और खेल मंत्रालय द्वारा "खेलो इंडिया एथलीट" के रूप में चुना जाता है।
- चयन के बाद, छात्रवृत्ति और मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण की व्यवस्था होती है।
- kheloindia.gov.in पर वर्तमान कार्यक्रमों, ट्रायल की तारीखों और खेल बुनियादी ढांचे की जानकारी मिलती है।