यह योजना क्या देती है
मुद्रा योजना गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि छोटे और सूक्ष्म उद्यमों को बिना किसी संपत्ति गारंटी के ऋण उपलब्ध कराती है — दुकानदार, रेहड़ी-पटरी वाले, कारीगर, छोटे निर्माता, और सेवा क्षेत्र के व्यवसायी इसका लाभ उठा सकते हैं। ऋण तीन श्रेणियों में बांटा गया है: शिशु (₹50,000 तक, नए या बहुत छोटे व्यवसायों के लिए), किशोर (₹50,000 से ₹5 लाख तक, बढ़ते व्यवसायों के लिए), और तरुण/तरुण प्लस (₹5 लाख से ₹20 लाख तक, स्थापित व्यवसायों के विस्तार के लिए)। ब्याज दर बैंक और ऋण की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग होती है।
कौन पात्र है
- कोई भी भारतीय नागरिक जो गैर-कृषि, आय-सृजन करने वाला छोटा व्यवसाय (विनिर्माण, व्यापार, या सेवा क्षेत्र) चला रहा है या शुरू करना चाहता है।
- उधारकर्ता का किसी बैंक या वित्तीय संस्थान में कोई डिफॉल्ट (बकाया चूक) रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए।
- व्यवसाय की गतिविधि मुद्रा योजना के अंतर्गत मान्य क्षेत्रों में आनी चाहिए — विनिर्माण, प्रसंस्करण, व्यापार या सेवाएं।
आवश्यक दस्तावेज़
- पहचान प्रमाण (आधार, पैन कार्ड)
- पता प्रमाण
- व्यवसाय का प्रमाण या प्रस्ताव (मौजूदा व्यवसाय के लिए रजिस्ट्रेशन, नए के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट)
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- बैंक खाता विवरण
आवेदन कैसे करें
- किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, छोटे वित्त बैंक, या NBFC/माइक्रोफाइनेंस संस्थान में जाएं।
- अपनी ऋण श्रेणी (शिशु/किशोर/तरुण) चुनकर आवेदन फॉर्म भरें, या udyamimitra.in पर ऑनलाइन आवेदन करें।
- पहचान, पता और व्यवसाय से जुड़े दस्तावेज़ जमा करें।
- बैंक द्वारा आपके व्यवसाय की व्यवहार्यता के आधार पर ऋण का मूल्यांकन किया जाता है।
- स्वीकृति के बाद, बिना किसी संपत्ति गारंटी के ऋण राशि जारी की जाती है।
- हर आवेदक को एक मुद्रा कार्ड (डेबिट कार्ड जैसा) भी मिलता है, जिससे कार्यशील पूंजी निकाली जा सकती है।