यह योजना क्या है
2014-15 में शुरू हुई प्रसाद (तीर्थयात्रा कायाकल्प एवं आध्यात्मिक धरोहर वृद्धि अभियान) योजना का लक्ष्य भारत के प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों को बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ विकसित करना है, ताकि तीर्थयात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक अनुभव मिले। इसके तहत तीर्थ स्थलों तक बेहतर सड़क संपर्क, पेयजल सुविधा, स्वच्छ शौचालय, उचित रोशनी, पार्किंग सुविधा, पर्यटक सूचना केंद्र, और विकलांग-अनुकूल पहुंच जैसी सुविधाएं विकसित की जाती हैं — सभी धर्मों के महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों को इसमें शामिल किया गया है।
यह किसके लिए है
- यह एक बुनियादी ढांचा विकास कार्यक्रम है — व्यक्तिगत लाभार्थी पात्रता की कोई अवधारणा नहीं है।
- चुने गए तीर्थ स्थलों के तीर्थयात्री और स्थानीय निवासी अप्रत्यक्ष रूप से बेहतर सुविधाओं से लाभान्वित होते हैं।
जानकारी कैसे देखें
tourism.gov.in पर प्रसाद योजना के तहत विकसित हो रहे तीर्थ स्थलों की सूची और परियोजना की प्रगति देखी जा सकती है।