यह योजना क्या देती है
MMVY एक खास स्थिति के लिए है: विद्यार्थी ने कक्षा 12 में इतना अच्छा किया कि अच्छे कॉलेज में दाखिला मिल गया, पर परिवार फीस नहीं भर सकता। तब राज्य सीधे प्रवेश शुल्क और ट्यूशन फीस भरता है — सरकारी कॉलेजों में पूरी, और निजी कॉलेजों में इंजीनियरिंग के लिए ₹1.5 लाख प्रति वर्ष तक (या वास्तविक फीस, जो कम हो)। MBBS/BDS और राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में कानून की पूरी ट्यूशन फीस भी शामिल है। योजना केवल फीस कवर करती है; मेस शुल्क और कॉशन मनी शामिल नहीं। एक व्यावहारिक बात: पारिवारिक आय सीमा पर स्रोत एकमत नहीं — कुछ ₹6 लाख कहते हैं, कुछ ₹8 लाख — इसलिए पात्रता मानने से पहले पोर्टल पर वर्तमान सीमा जांच लें।
कौन पात्र है
- मध्य प्रदेश के स्थायी निवासी (डोमिसाइल), वैध समग्र ID के साथ।
- MP बोर्ड कक्षा 12 में कम से कम 70% अंक, या CBSE/ICSE में 85%।
- पारिवारिक वार्षिक आय निर्धारित सीमा के भीतर (₹6 लाख या ₹8 लाख बताई गई — पोर्टल पर पुष्टि करें)।
- किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में पात्र स्नातक, एकीकृत स्नातकोत्तर, दोहरी डिग्री, इंजीनियरिंग, मेडिकल, कानून या पॉलिटेक्निक पाठ्यक्रम में प्रवेश।
आवश्यक दस्तावेज़
- कक्षा 12 की मार्कशीट
- निवास प्रमाण पत्र और समग्र ID
- आय प्रमाण पत्र
- संस्थान से प्रवेश पत्र / फीस रसीद
- आधार कार्ड
- बैंक खाता विवरण (आधार-सीडेड)
आवेदन कैसे करें
- पहले पात्र पाठ्यक्रम में प्रवेश लें — योजना प्रवेश के बाद लागू होती है, पहले नहीं।
- MP छात्रवृत्ति पोर्टल (scholarshipportal.mp.nic.in) पर MMVY के तहत पंजीकरण और आवेदन करें।
- अपनी मार्कशीट, आय प्रमाण पत्र और प्रवेश दस्तावेज़ अपलोड करें।
- आपका संस्थान प्रवेश और दावा की गई फीस का सत्यापन करता है।
- सरकारी संस्थानों में फीस आमतौर पर सीधे संस्थान को जाती है; निजी संस्थानों के लिए राशि DBT से आपके आधार-सीडेड खाते में आती है।