फ़ाइल क्रमांक CS-TAX-010 · केंद्रीय योजना · केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड

GST संरचना योजना — कंपोज़िशन स्कीम

छोटे व्यापारियों के लिए सरल GST अनुपालन — नियमित दर की बजाय टर्नओवर पर एक तय, कम दर से कर भरने की सुविधा, कम कागज़ी कार्रवाई के साथ।

यह योजना क्या देती है

नियमित GST व्यवस्था में हर लेनदेन पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का हिसाब रखना और महीने में कई रिटर्न भरना पड़ता है — छोटे दुकानदारों और व्यापारियों के लिए यह बोझिल हो सकता है। कंपोज़िशन स्कीम इसे सरल बनाती है: पात्र व्यापारी अपने टर्नओवर पर एक तय, कम दर से कर भरते हैं (विनिर्माताओं और व्यापारियों के लिए 1%, रेस्टोरेंट के लिए 5%, सेवा प्रदाताओं के लिए 6%), और हर महीने की बजाय हर तिमाही में सिर्फ एक साधारण रिटर्न भरना होता है। हालांकि, इस स्कीम में शामिल व्यापारी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा नहीं कर सकते, और न ही अपने ग्राहकों से टैक्स वसूल सकते हैं (टैक्स इनवॉइस की जगह बिल ऑफ सप्लाई जारी होता है)।

कौन पात्र है

  • वार्षिक टर्नओवर ₹1.5 करोड़ से कम वाले व्यापारी (कुछ विशेष श्रेणी राज्यों में सीमा ₹75 लाख है)।
  • सेवा प्रदाताओं के लिए (2019 से जुड़ी अलग श्रेणी), सीमा ₹50 लाख है।
  • अंतर-राज्यीय आपूर्ति (एक राज्य से दूसरे राज्य में माल/सेवा बेचना) करने वाले व्यापारी पात्र नहीं हैं।
  • ई-कॉमर्स ऑपरेटरों के माध्यम से बेचने वाले कुछ व्यापारी भी बाहर रखे गए हैं।

आवश्यक दस्तावेज़

  • GST पंजीकरण (मौजूदा या नया)
  • पैन कार्ड
  • व्यवसाय पंजीकरण प्रमाण
  • बैंक खाता विवरण

पंजीकरण कैसे करें

  1. gst.gov.in पर लॉगिन करें।
  2. "Services" → "Registration" → "Application to Opt for Composition Levy" (फॉर्म CMP-02) चुनें।
  3. नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत से पहले (आमतौर पर 31 मार्च तक) आवेदन जमा करें, ताकि उस वर्ष के लिए स्कीम लागू हो सके।
  4. नए GST पंजीकरण के मामले में, पंजीकरण के समय ही कंपोज़िशन स्कीम का विकल्प चुना जा सकता है।
  5. स्वीकृति के बाद, हर तिमाही CMP-08 के ज़रिए कर भुगतान करें और सालाना GSTR-4 रिटर्न भरें।