फ़ाइल क्रमांक CS-HLT-005 · केंद्रीय योजना · राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन

जननी सुरक्षा योजना — JSY

गरीब गर्भवती महिलाओं को अस्पताल/स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव कराने के लिए नकद सहायता — मातृ और शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए, आशा कार्यकर्ता के सहयोग से।

यह योजना क्या देती है

घर पर प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताएं भारत में मातृ और नवजात मृत्यु का एक बड़ा कारण रही हैं। JSY इसे बदलने के लिए महिलाओं को घर की बजाय सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी स्वास्थ्य सुविधा में प्रसव कराने के लिए प्रोत्साहित करती है — इसके लिए सीधी नकद सहायता दी जाती है, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग होती है। इसके साथ आशा (मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता) गर्भवती महिला को गर्भावस्था के पंजीकरण से लेकर प्रसव तक पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन देती है, और उसे भी सेवा के लिए प्रोत्साहन राशि मिलती है।

कौन पात्र है

  • कम प्रदर्शन वाले राज्यों (LPS) में सभी गर्भवती महिलाएं पात्र हैं, चाहे उम्र या बच्चों की संख्या कुछ भी हो।
  • बेहतर प्रदर्शन वाले राज्यों (HPS) में, BPL/SC/ST गर्भवती महिलाएं 19 वर्ष या उससे अधिक उम्र की, पहले दो जीवित बच्चों के लिए पात्र हैं।
  • सरकारी या सरकार-मान्यता प्राप्त निजी स्वास्थ्य सुविधा में प्रसव कराना अनिवार्य है।

आवश्यक दस्तावेज़

  • मातृ एवं शिशु सुरक्षा (MCP) कार्ड
  • आधार कार्ड
  • BPL/जाति प्रमाण पत्र, जहां लागू हो
  • बैंक खाता विवरण

आवेदन कैसे करें

  1. गर्भावस्था की पुष्टि होते ही अपने नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र में पंजीकरण कराएं, और MCP कार्ड बनवाएं।
  2. अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता से संपर्क में रहें — वह पूरी प्रक्रिया में आपकी मदद करेगी और नियमित जांच सुनिश्चित करेगी।
  3. निर्धारित समय पर सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में प्रसव कराएं।
  4. प्रसव के बाद, आवश्यक दस्तावेज़ों के सत्यापन के बाद नकद सहायता सीधे बैंक खाते में या अस्पताल से छुट्टी के समय दी जाती है।