फ़ाइल क्रमांक CS-HLT-003 · केंद्रीय योजना · स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय

मिशन इंद्रधनुष

बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए मुफ्त टीकाकरण अभियान — 12 जानलेवा बीमारियों से सुरक्षा, खासकर उन तक पहुंचने पर केंद्रित जिनका टीकाकरण अभी अधूरा या छूटा हुआ है।

यह योजना क्या देती है

दिसंबर 2014 में शुरू हुआ यह मिशन भारत के नियमित टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) को गहन और लक्षित बनाता है, खासकर उन क्षेत्रों और बच्चों तक पहुंचने के लिए जो नियमित टीकाकरण अभियानों में छूट जाते हैं। इसके तहत डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, पोलियो, तपेदिक (टीबी), खसरा, हेपेटाइटिस B, दिमागी बुखार (मेनिन्जाइटिस/निमोनिया के लिए Hib), रोटावायरस डायरिया, रूबेला, जापानी इंसेफेलाइटिस, और निमोनिया (PCV) — कुल 12 जानलेवा बीमारियों से सुरक्षा के लिए मुफ्त टीके लगाए जाते हैं। "इंद्रधनुष मिशन 5.0" और उसके बाद के चरणों में विशेष अभियान, विशेष रूप से दूरदराज़, शहरी झुग्गी, और प्रवासी आबादी वाले क्षेत्रों पर केंद्रित रहे हैं, जहां टीकाकरण दर अक्सर कम होती है।

कौन पात्र है

  • 2 वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चे, जिनका टीकाकरण अधूरा है या बिल्कुल नहीं हुआ है।
  • सभी गर्भवती महिलाएं (टिटनेस-डिप्थीरिया टीके के लिए)।
  • यह पूरी तरह मुफ्त है और भारत के हर नागरिक के लिए खुला है — कोई आय सीमा नहीं।

आवश्यक दस्तावेज़

  • मातृ एवं शिशु सुरक्षा (MCP) कार्ड, यदि उपलब्ध हो
  • पिछला टीकाकरण रिकॉर्ड, यदि उपलब्ध हो
  • कोई विशेष दस्तावेज़ अनिवार्य नहीं — बिना दस्तावेज़ के भी टीका लगवाया जा सकता है

टीका कैसे लगवाएं

  1. अपने नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र, सरकारी स्वास्थ्य केंद्र, या उप-केंद्र पर जाएं।
  2. टीकाकरण सत्र की तारीख के लिए अपनी आशा कार्यकर्ता या ANM से पूछें — विशेष अभियान के दिन अक्सर पहले से घोषित होते हैं।
  3. बच्चे या गर्भवती महिला का MCP कार्ड साथ ले जाएं, यदि उपलब्ध हो।
  4. निर्धारित टीकाकरण अनुसूची के अनुसार टीके लगवाए जाते हैं, कोई शुल्क नहीं लगता।
  5. हर टीके के बाद कार्ड पर रिकॉर्ड अपडेट किया जाता है — इसे भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रखें।