यह योजना क्या देती है
बाल संरक्षण सेवा (ICPS) योजना का पुनर्गठित रूप, 2021-22 से "मिशन वात्सल्य" के नाम से चलने वाला यह कार्यक्रम किशोर न्याय अधिनियम के तहत बच्चों की देखभाल और सुरक्षा के लिए एक व्यापक ढांचा है। इसमें अनाथ, परित्यक्त, और मुश्किल परिस्थितियों में फंसे बच्चों के लिए बाल देखभाल संस्थान (Child Care Institutions), पालन-पोषण देखभाल (Foster Care — जहां बच्चा एक अस्थायी पालक परिवार के साथ रहता है, गोद लिए बिना), प्रायोजन (Sponsorship — जहां परिवार में रहते हुए बच्चे की शिक्षा/स्वास्थ्य के लिए मदद दी जाती है), और वैध गोद लेने में सहायता (CARA के माध्यम से) शामिल है। ज़िला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) और चाइल्डलाइन (1098) इस पूरे नेटवर्क का मुख्य हिस्सा हैं।
कौन पात्र है
- अनाथ, परित्यक्त, या आत्मसमर्पित बच्चे (माता-पिता द्वारा देखभाल में असमर्थता के कारण)।
- देखभाल और संरक्षण की ज़रूरत वाले बच्चे — दुर्व्यवहार, उपेक्षा, या संकटग्रस्त परिस्थितियों में।
- कानून के साथ संघर्षरत बच्चे (किशोर न्याय बोर्ड के दायरे में)।
आवश्यक दस्तावेज़
यह एक संकट-हस्तक्षेप सेवा है — औपचारिक "आवेदन" के दस्तावेज़ों की बजाय, बाल कल्याण समिति (CWC) या पुलिस द्वारा मामले के आधार पर बच्चे को सेवा से जोड़ा जाता है।
सहायता कैसे प्राप्त करें
- यदि आप किसी बच्चे को असुरक्षित स्थिति में देखते हैं, तो चाइल्डलाइन हेल्पलाइन 1098 पर तुरंत कॉल करें (24x7, मुफ्त)।
- अपने ज़िले के ज़िला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) कार्यालय से भी सीधे संपर्क किया जा सकता है।
- बाल कल्याण समिति (CWC) मामले की जांच के बाद बच्चे को उचित सेवा (देखभाल संस्थान, पालन-पोषण, आदि) से जोड़ती है।
- गोद लेने में रुचि रखने वाले परिवार cara.nic.in (केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण) के ज़रिए पंजीकरण कर सकते हैं।