यह योजना क्या देती है
2008 में शुरू हुई इस योजना का नाम ही इसके उद्देश्य को बताता है — "साधन" (आर्थिक ज़रूरत) और "प्रतिभा" (मेधा) दोनों को एक साथ पहचानना। सरकारी, स्थानीय निकाय, या सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र कक्षा 8 में एक राज्य-स्तरीय चयन परीक्षा (मानसिक योग्यता परीक्षण + शैक्षणिक योग्यता परीक्षण) देते हैं। इसमें उत्तीर्ण होने वाले छात्रों को कक्षा 9 से 12 तक हर साल ₹12,000 (₹1,000/माह) की छात्रवृत्ति मिलती है, बशर्ते वे हर साल न्यूनतम शैक्षणिक प्रदर्शन बनाए रखें। यह योजना खासतौर पर सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली छात्रों को कक्षा 10 के बाद पढ़ाई छोड़ने से रोकने के लिए बनाई गई है, जो आर्थिक तंगी का एक सामान्य कारण है।
कौन पात्र है
- सरकारी/स्थानीय निकाय/सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में कक्षा 8 में पढ़ने वाला छात्र, जो चयन परीक्षा में शामिल हो और उत्तीर्ण हो।
- कक्षा 7 की वार्षिक परीक्षा में न्यूनतम 55% अंक (SC/ST के लिए 50%)।
- परिवार की वार्षिक आय ₹3,50,000 से कम।
- निजी, आवासीय, या केंद्रीय/नवोदय विद्यालय के छात्र पात्र नहीं हैं।
आवश्यक दस्तावेज़
- आय प्रमाण पत्र
- कक्षा 7 की मार्कशीट
- आधार कार्ड
- बैंक खाता विवरण
आवेदन कैसे करें
- अपने राज्य शिक्षा बोर्ड/परीक्षा नियामक प्राधिकरण द्वारा आयोजित NMMSS चयन परीक्षा के लिए स्कूल के माध्यम से पंजीकरण कराएं (आमतौर पर कक्षा 8 के दौरान)।
- परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर, scholarships.gov.in पर छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन करें।
- आय प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज़ अपलोड करें, स्कूल से सत्यापन कराएं।
- स्वीकृति के बाद, हर साल (कक्षा 9-12 तक) छात्रवृत्ति सीधे बैंक खाते में जमा होती है, बशर्ते न्यूनतम प्रदर्शन बना रहे।