यह योजना क्या देती है
2014 में शुरू हुई TOPS भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) की सबसे महत्वपूर्ण एलीट एथलीट सहायता पहल है, जिसका सीधा लक्ष्य है — ओलंपिक और पैरालंपिक में भारत के पदकों की संख्या बढ़ाना। इसके तहत चुने गए एथलीटों को विदेशी विशेषज्ञ कोच, विश्व स्तरीय प्रशिक्षण शिविर (भारत और विदेश दोनों में), अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी, आधुनिक खेल उपकरण, खेल विज्ञान और चिकित्सा सहायता, और मासिक आउट-ऑफ-पॉकेट भत्ता (व्यक्तिगत खर्च के लिए) दिया जाता है। नीरज चोपड़ा जैसे कई ओलंपिक पदक विजेता इस योजना के लाभार्थी रहे हैं।
कौन पात्र है
- यह योजना सीधे आवेदन के लिए नहीं है — एथलीटों को राष्ट्रीय खेल महासंघों की सिफारिश और मिशन ओलंपिक सेल की समीक्षा के आधार पर चुना जाता है।
- आमतौर पर वे एथलीट जिन्होंने राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया हो और ओलंपिक/पैरालंपिक पदक की वास्तविक संभावना रखते हों।
चयन प्रक्रिया कैसे काम करती है
- राष्ट्रीय खेल महासंघ (जैसे एथलेटिक्स फेडरेशन) उभरते या स्थापित एलीट खिलाड़ियों की सिफारिश करते हैं।
- मिशन ओलंपिक सेल (खेल मंत्रालय के तहत) आवेदनों की समीक्षा करता है और प्रदर्शन के आधार पर एथलीटों को चुनता है।
- चुने गए एथलीटों को व्यक्तिगत प्रशिक्षण योजना, कोचिंग, और वित्तीय सहायता दी जाती है, जिसकी नियमित समीक्षा होती है।
- अपने खेल महासंघ से TOPS में शामिल होने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली जा सकती है।