यह योजना क्या देती है
छत्तीसगढ़ की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, जो 2006 से चल रही है, गरीब परिवारों को हर ज़िले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह समारोहों के ज़रिए बेटियों का विवाह कराने में मदद करती है। सबसे ताज़ा सामूहिक विवाह में, मई 2026 में, हर धर्म के 2,300 से अधिक जोड़ों का एक ही दिन विवाह हुआ, और मुख्यमंत्री ने सहायता को प्रति जोड़ा ₹35,000 की वित्तीय सहायता के साथ गृहस्थी का सामान और समारोह की व्यवस्था बताया। योजना की पुरानी संरचना प्रति कन्या ₹25,000 खर्च की थी — श्रृंगार सामग्री के लिए ₹5,000, उपहार के लिए ₹14,000, वधू को बैंक ड्राफ्ट के रूप में ₹1,000 और आयोजन के लिए ₹5,000 — और कुछ सूचियां ₹50,000 तक बताती हैं, इसलिए वर्तमान राशि स्थानीय स्तर पर पुष्ट करें। बीपीएल परिवारों के साथ विधवा, अनाथ और निराश्रित कन्याएं भी शामिल हैं।
कौन पात्र है
- गरीबी रेखा से नीचे के परिवार, या मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना का कार्ड रखने वाले परिवार।
- प्रति परिवार अधिकतम दो कन्याएं, प्रत्येक 18 वर्ष या अधिक आयु की; विधवा, अनाथ और निराश्रित कन्याएं भी पात्र हैं।
- विवाह विभाग द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में होना चाहिए; निजी विवाह पर लाभ नहीं।
- वर की आयु कम से कम 21 वर्ष हो; विवाह दहेज-रहित हो।
- कुछ सूचियां ₹1 लाख या उससे कम वार्षिक पारिवारिक आय बताती हैं — स्थानीय कार्यालय में पुष्टि करें।
आवश्यक दस्तावेज़
- राशन / खाद्यान्न योजना कार्ड या बीपीएल कार्ड
- वधू और वर के आधार कार्ड
- वधू और वर का आयु प्रमाण
- निवास प्रमाण
- मृत्यु प्रमाण पत्र (विधवा) या अनाथ / निराश्रित प्रमाण पत्र, जहां लागू हो
- वधू के बैंक खाते का विवरण
आवेदन कैसे करें
- अपनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, वार्ड या नगर निगम कार्यालय, या ज़िला महिला एवं बाल विकास कार्यालय से संपर्क कर अगली सामूहिक विवाह तिथि पूछें।
- जोड़े के लिए पंजीयन फॉर्म भरें और दस्तावेज़ लगाएं।
- विभाग पात्रता का सत्यापन करता है और आपको ज़िले के सामूहिक विवाह समारोह में सूचीबद्ध करता है।
- तय तिथि पर जोड़े और परिवारों के साथ समारोह में उपस्थित हों।
- सहायता बैंक ड्राफ्ट या हस्तांतरण के रूप में समारोह में गृहस्थी के सामान के साथ दी जाती है।