यह योजना क्या देती है
गुजरात विधवाओं को हर महीने ₹1,250 सीधे बैंक या डाकघर खाते में देता है, जब तक वे पात्र बनी रहें। 2019 में नाम बदलने से पहले यह विधवा सहाय योजना कहलाती थी, और उसी समय राशि ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,250 की गई; राज्य के 2025-26 के बजट में इसके लिए ₹3,015 करोड़ रखे गए। बाद के दो बदलावों से पात्रता आसान हुई: विधवा के लिए ऊपरी आयु सीमा नहीं है, और 21 वर्ष या उससे अधिक आयु का पुत्र होने पर अब वह अपात्र नहीं होती। लाभार्थियों को निःशुल्क दुर्घटना बीमा कवर भी मिलता है, जिसके लिए कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता।
कौन पात्र है
- 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की विधवा, जो गुजरात की निवासी हो।
- वार्षिक पारिवारिक आय ग्रामीण क्षेत्र में ₹1,20,000 और शहरी क्षेत्र में ₹1,50,000 तक।
- पुनर्विवाह कर चुकी विधवा पात्र नहीं।
- संशोधित नियमों के तहत 21 वर्ष या उससे अधिक आयु का पुत्र होने से विधवा अपात्र नहीं होती।
आवश्यक दस्तावेज़
- दो पासपोर्ट आकार के फोटो
- आयु प्रमाण (जैसे स्कूल छोड़ने या जन्म का प्रमाण पत्र)
- निवास प्रमाण
- पति का मृत्यु प्रमाण पत्र
- पारिवारिक आय प्रमाण पत्र
- बैंक या डाकघर पासबुक, राशन कार्ड और आधार कार्ड
आवेदन कैसे करें
- मामलतदार कार्यालय, तलाटी या जन सेवा केंद्र से आवेदन फॉर्म लें, या wcd.gujarat.gov.in से डाउनलोड करें।
- फॉर्म भरकर ऊपर बताए दस्तावेज़ संलग्न करें।
- इसे मामलतदार कार्यालय में या ग्राम कंप्यूटर उद्यमी (VCE) अथवा जन सेवा केंद्र के माध्यम से जमा करें।
- सत्यापन और स्वीकृति के बाद पेंशन हर महीने DBT से आपके खाते में आती है।
- आवेदन की स्थिति मामलतदार कार्यालय में जाकर जांची जा सकती है।