यह योजना क्या देती है
2007 में शुरू हुई यह मध्य प्रदेश की सबसे पुरानी और सबसे व्यापक बालिका कल्याण योजनाओं में से एक है। पंजीकरण के समय सरकार राष्ट्रीय बचत पत्र में एक निश्चित राशि निवेश करती है, जो समय के साथ बढ़ती है। इसके बाद बेटी को कक्षा 6, 9, 11 और 12 में दाखिले पर अलग-अलग राशि की छात्रवृत्ति मिलती है (पढ़ाई जारी रखने की शर्त पर), और 21 वर्ष की उम्र पर, यदि वह 12वीं पास कर चुकी है और अविवाहित है, तो एक बड़ी अंतिम राशि दी जाती है — कुल मिलाकर योजना का सम्मिलित लाभ लगभग ₹1,43,000 तक पहुंचता है।
कौन पात्र है
- 1 जनवरी 2006 या उसके बाद जन्मी बेटी, मध्य प्रदेश की स्थायी निवासी।
- परिवार का मध्य प्रदेश में स्थायी निवास प्रमाण होना ज़रूरी है।
- बेटी का जन्म के एक वर्ष के भीतर योजना में पंजीकरण होना चाहिए (कुछ छूट लागू हो सकती हैं)।
- हर चरण (कक्षा 6, 9, 11, 12) पर स्कूल में नामांकित रहना ज़रूरी है।
- 21 वर्ष पर अंतिम राशि के लिए, बेटी का अविवाहित होना और 12वीं पास होना ज़रूरी है।
आवश्यक दस्तावेज़
- बेटी का जन्म प्रमाण पत्र
- माता-पिता का आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- स्कूल नामांकन प्रमाण (संबंधित चरण पर)
- बैंक खाता विवरण
आवेदन कैसे करें
- अपने नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र या ladlilaxmi.mp.gov.in पोर्टल पर जाकर जन्म के तुरंत बाद पंजीकरण करें।
- जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का आधार, और निवास प्रमाण जमा करें।
- पंजीकरण के बाद, सरकार राष्ट्रीय बचत पत्र में निवेश करती है — इसके लिए अलग आवेदन की ज़रूरत नहीं।
- हर शैक्षणिक चरण (कक्षा 6, 9, 11, 12) पर, स्कूल के माध्यम से या पोर्टल पर नामांकन प्रमाण जमा करके संबंधित छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करें।
- 21 वर्ष की उम्र पर, अंतिम राशि के लिए 12वीं पास प्रमाण पत्र के साथ आवेदन करें।