यह योजना क्या देती है
मुख्यमंत्री इमा नोंगथांगलीमा याइफा तेंगबांग योजना, जो दिसंबर 2023 में नुपी लान दिवस पर शुरू हुई, मणिपुर की उन महिलाओं को ₹500 मासिक, यानी ₹6,000 वार्षिक, देती है जो 40 से ऊपर की हैं और जिनके पास आजीविका का स्थिर साधन नहीं। समाज कल्याण विभाग का दिशानिर्देश, जो राज्य के राजपत्र में प्रकाशित है, लगभग चार लाख महिलाओं तक पहुंचने का लक्ष्य रखता है। पात्र समूहों में विधवाएं, तलाकशुदा, अलग रह रहीं महिलाएं, अकेली महिलाएं और अकेली ट्रांसजेंडर महिलाएं, पूर्व नशा करने वालों जैसी वंचित और हाशिये की महिलाएं, और कम आय वाले परिवारों की महिलाएं शामिल हैं। महिला मणिपुर की निवासी हो और व्यक्तिगत लाभार्थियों की किसी मौजूदा सरकारी योजना का लाभ न ले रही हो। आवेदन घोषित चरणों में लिए जाते हैं — एक चरण 17 जुलाई से 6 अगस्त 2025 तक चला — और मणिपुर में 4 फरवरी 2026 से नई सरकार है।
कौन पात्र है
- मणिपुर की निवासी महिला, 40 वर्ष से ऊपर।
- व्यक्तिगत लाभार्थियों के लिए बनी किसी मौजूदा सरकारी योजना की लाभार्थी नहीं।
- सूचीबद्ध समूह में से — विधवा, तलाकशुदा, अलग रह रही, अकेली या ट्रांसजेंडर महिला, वंचित या हाशिये की महिला, या कम आय वाले परिवार की महिला।
- आजीविका का कोई स्थिर साधन नहीं।
आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड और आयु प्रमाण
- मणिपुर निवास का प्रमाण
- स्वघोषणा कि उसे कोई अन्य व्यक्तिगत सरकारी योजना नहीं मिलती
- अपने समूह का प्रमाण पत्र — विधवा, तलाक, अलगाव या आय, जैसा लागू हो
- बैंक खाते का विवरण और फोटो
आवेदन कैसे करें
- समाज कल्याण विभाग की आवेदन चरण की घोषणा वाली सूचना पर नज़र रखें।
- ज़िला समाज कल्याण अधिकारी से आवेदन फॉर्म लें या विभाग की सूचना से डाउनलोड करें।
- इसे भरें और दस्तावेज़ तथा स्वघोषणा लगाएं।
- चरण की तिथियों के भीतर इसे ज़िला समाज कल्याण कार्यालय में जमा करें।
- चयनित महिलाओं को ₹500 मासिक बैंक हस्तांतरण से मिलते हैं।