यह योजना क्या देती है
थाई मामन थंगा मोतिरम थित्तम — 'मामा की सोने की अंगूठी' — तमिलनाडु के हर पात्र नवजात को एक ग्राम की 22 कैरेट सोने की अंगूठी देती है, जो शिशु के मामा की भूमिका में मुख्यमंत्री की ओर से उपहार के रूप में दी जाती है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इसे 28 सितंबर 2026 को मदुरै के सरकारी राजाजी अस्पताल में शुरू किया, पर यह 22 जून 2026 से लागू है, इसलिए तब से जन्मे शिशु पात्र हैं। अंगूठी BIS हॉलमार्क वाली होती है, उस पर अद्वितीय क्रमांक होता है और वह छेड़छाड़-रोधी पैकिंग में आती है; शुरुआत की तिथि से जन्मों के लिए अस्पताल छुट्टी के समय मां को देता है। पहले चरण में 1.28 लाख अंगूठियां हैं। योजना की घोषणा 5 अगस्त 2026 को 2026-27 के संशोधित बजट में हुई, और वार्षिक लागत पर रिपोर्टें अलग हैं, इसलिए यहां बजट का आंकड़ा नहीं दिया गया।
कौन पात्र है
- शिशु तमिलनाडु के सरकारी अस्पताल या सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जीवित जन्मा हो।
- मां तमिलनाडु की स्थायी निवासी हो।
- 22 जून 2026 या उसके बाद के जन्म शामिल हैं, भले औपचारिक शुरुआत 28 सितंबर 2026 को हुई।
- पात्र नहीं: निजी अस्पताल में जन्मे और बाद में सरकारी अस्पताल में भर्ती किए गए शिशु, तथा मृत जन्म या गर्भ में मृत्यु।
आवश्यक दस्तावेज़
- मां का तमिलनाडु निवास का प्रमाण, जैसे आधार या राशन कार्ड
- सरकारी अस्पताल से प्रसव का रिकॉर्ड या जन्म विवरण
- मां का बैंक विवरण और मोबाइल नंबर, यदि अस्पताल दर्ज करे
- अस्पताल के अपने निर्देश — दस्तावेज़ों की सूची विस्तार से प्रकाशित नहीं हुई
आवेदन कैसे करें
- तमिलनाडु के सरकारी अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव कराएं; अलग से कोई आवेदन फॉर्म नहीं।
- 28 सितंबर 2026 से जन्मे शिशु के लिए अस्पताल छुट्टी के समय अंगूठी सौंप देता है।
- 22 जून से 27 सितंबर 2026 के बीच जन्मे शिशु के लिए जिस अस्पताल में प्रसव हुआ उससे पूछें कि अंगूठी कैसे और कब दी जाएगी।
- प्रसव का रिकॉर्ड और निवास प्रमाण तैयार रखें, और अंगूठी का हॉलमार्क, क्रमांक और सील बंद पैकिंग जांचें।
- पात्र जन्म पर अंगूठी न दी जाए तो अस्पताल अधीक्षक या ज़िला स्वास्थ्य कार्यालय में शिकायत करें।