यह योजना क्या देती है
जुलाई 2020 में, कोविड-19 के दौरान प्रवासी मजदूरों के सामने आई आवास संकट को देखते हुए शुरू हुई यह योजना शहरों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों, स्ट्रीट वेंडर, रेहड़ी-पटरी वालों, कारखाना मजदूरों, और अन्य शहरी गरीब परिवारों को उचित किराए पर तैयार मकान देती है। इसके दो मॉडल हैं — मौजूदा सरकारी खाली आवासीय भवनों (जैसे EWS फ्लैट) को 25 साल के लिए किराये के परिसरों में बदलना, और निजी/सार्वजनिक एजेंसियों द्वारा अपनी खाली ज़मीन पर नए किराया आवास परिसर बनाना (जिसके लिए सब्सिडी और अन्य प्रोत्साहन दिए जाते हैं)। किराया बाज़ार दर से काफी कम रखा जाता है, ताकि यह वास्तव में गरीब परिवारों की पहुंच में हो।
कौन पात्र है
- शहरी प्रवासी मजदूर, स्ट्रीट वेंडर, रिक्शा चालक, कारखाना/निर्माण मजदूर।
- शहरी गरीब परिवार (EWS/LIG श्रेणी), जिनके पास शहर में अपना घर नहीं है।
- छात्र और अन्य अस्थायी रूप से शहर में रहने वाले लोग भी कुछ परिसरों में पात्र हो सकते हैं।
आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- रोज़गार/कार्य प्रमाण, जहां लागू हो
- आय प्रमाण पत्र
- निवास न होने का स्व-घोषणा पत्र (शहर में अपना घर न होने का)
आवेदन कैसे करें
- arhc.mohua.gov.in पर जाकर अपने शहर में उपलब्ध ARHC परिसरों की जानकारी देखें।
- संबंधित परिसर के प्रबंधक/एजेंसी से सीधे संपर्क कर आवेदन करें।
- आवश्यक दस्तावेज़ जमा करें और पात्रता सत्यापन कराएं।
- उपलब्धता के आधार पर, तय किराए पर मकान आवंटित किया जाता है।