फ़ाइल क्रमांक CS-WMC-005 · केंद्रीय योजना · महिला एवं बाल विकास मंत्रालय

कामकाजी महिला छात्रावास योजना

नौकरी करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित, किफायती छात्रावास आवास — उनके बच्चों के लिए डे-केयर सुविधा सहित, खासकर उन शहरों में जहां महिलाएं काम के लिए अकेले रहती हैं।

यह योजना क्या देती है

यह योजना उन महिलाओं की एक बड़ी समस्या हल करती है जो काम के लिए अपने घर से दूर रहती हैं — सुरक्षित और किफायती रहने की जगह ढूंढना अक्सर मुश्किल होता है। सरकार गैर-सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, और सहकारी समितियों के माध्यम से छात्रावास भवनों के निर्माण/किराए के लिए वित्तीय सहायता देती है, जहां नौकरी करने वाली महिलाएं किफायती किराए पर सुरक्षित आवास पा सकती हैं। कई छात्रावासों में कामकाजी माताओं के बच्चों (5 साल तक की उम्र) के लिए डे-केयर सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे महिलाओं को काम और बच्चे की देखभाल के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलती है।

कौन पात्र है

  • नौकरी करने वाली महिला (सरकारी, निजी, या स्वरोज़गार), खासकर अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा, या पति से अलग रहने वाली।
  • ऐसी विवाहित महिलाएं भी पात्र हैं जिनका पति उनके काम के शहर में नहीं रहता (जैसे ट्रांसफर वाली नौकरी में)।
  • प्रशिक्षण ले रही महिलाएं भी अस्थायी रूप से पात्र हो सकती हैं (अधिकतम 1 वर्ष के लिए)।
  • आय सीमा है, जो शहर की श्रेणी (मेट्रो/अन्य) के अनुसार अलग-अलग है।

आवश्यक दस्तावेज़

  • नियोक्ता से रोज़गार प्रमाण पत्र/नियुक्ति पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • वैवाहिक स्थिति प्रमाण (जहां लागू हो)

छात्रावास कैसे खोजें और आवेदन करें

  1. अपने शहर के ज़िला महिला एवं बाल विकास कार्यालय से संपर्क करें, यह जानने के लिए कि इस योजना के तहत कौन से छात्रावास चल रहे हैं।
  2. चुने गए छात्रावास (NGO/समिति द्वारा संचालित) में सीधे आवेदन करें।
  3. रोज़गार प्रमाण, आय प्रमाण और अन्य दस्तावेज़ जमा करें।
  4. उपलब्धता के आधार पर आवास आवंटित किया जाता है, और मासिक किराया छात्रावास द्वारा तय किया जाता है (सब्सिडी के कारण बाज़ार दर से कम)।