फ़ाइल क्रमांक CS-PSJ-003 · केंद्रीय योजना · महिला एवं बाल विकास मंत्रालय

वन स्टॉप सेंटर स्कीम — सखी केंद्र

हिंसा से प्रभावित महिलाओं के लिए एक ही जगह चिकित्सा सहायता, पुलिस सहायता, कानूनी सलाह, मनोवैज्ञानिक परामर्श और अस्थायी आश्रय — पूरी तरह मुफ्त।

यह योजना क्या देती है

1 अप्रैल 2015 को शुरू हुई सखी केंद्र योजना घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, या किसी भी तरह की हिंसा से प्रभावित महिला को एक ही छत के नीचे सारी ज़रूरी सहायता देती है — बार-बार अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर काटने की ज़रूरत नहीं। हर सखी केंद्र में प्राथमिक चिकित्सा और मेडिकल सहायता, पुलिस के साथ समन्वय (FIR दर्ज कराने में मदद सहित), कानूनी सलाह और परामर्श, मनोवैज्ञानिक/मानसिक स्वास्थ्य सहायता, और अस्थायी आश्रय (5 दिनों तक, ज़रूरत पड़ने पर लंबे समय के लिए विस्तार) उपलब्ध है। यह सेवा हर ज़िले में मौजूद है और 24x7 काम करती है।

कौन पात्र है

  • किसी भी उम्र की महिला, जो घरेलू, यौन, या किसी भी तरह की हिंसा से प्रभावित हो — निजी या सार्वजनिक स्थान पर।
  • कोई आय सीमा नहीं — सभी वर्गों की महिलाओं के लिए खुला।

आवश्यक दस्तावेज़

तत्काल सहायता के लिए किसी दस्तावेज़ की ज़रूरत नहीं है। बाद में कानूनी कार्रवाई के लिए पहचान प्रमाण उपयोगी हो सकता है, लेकिन यह सहायता पाने की शर्त नहीं है।

सहायता कैसे प्राप्त करें

  1. महिला हेल्पलाइन 181 पर कॉल करें — 24x7 उपलब्ध, मुफ्त।
  2. अपने ज़िले के सखी केंद्र (आमतौर पर ज़िला अस्पताल परिसर में) पर सीधे भी जाया जा सकता है।
  3. पुलिस स्टेशन में भी सखी केंद्र की जानकारी और रेफरल मिल सकता है।
  4. केंद्र पर पहुंचने के बाद, ज़रूरत के अनुसार चिकित्सा, कानूनी, या मनोवैज्ञानिक सहायता तुरंत शुरू होती है।