यह योजना क्या देती है
पहले चलने वाली "स्वाधार गृह" और "उज्ज्वला" योजनाओं को मिलाकर बनी शक्ति सदन उन महिलाओं और बच्चियों के लिए एक व्यापक सहायता ढांचा है जो मानव तस्करी, यौन शोषण, घरेलू हिंसा, या परिवार से बेदखल जैसी मुश्किल परिस्थितियों से गुज़र चुकी हैं। शक्ति सदन केंद्रों में तत्काल आश्रय, पौष्टिक भोजन, कपड़े, चिकित्सा देखभाल (शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों), कानूनी सहायता (मामला दर्ज कराने में मदद सहित), शैक्षणिक/व्यावसायिक प्रशिक्षण, और अंततः समाज में या परिवार के साथ सम्मानजनक पुनर्वास की सुविधा दी जाती है।
कौन पात्र है
- मानव तस्करी से बचाई गई महिलाएं और बच्चियां।
- यौन शोषण या वाणिज्यिक यौन शोषण की शिकार महिलाएं।
- घरेलू हिंसा, बेदखली, या पारिवारिक संकट में फंसी महिलाएं, जिन्हें तत्काल आश्रय की ज़रूरत है।
- कोई भी संकटग्रस्त महिला/बच्ची, जिसे परिवार या समाज से तत्काल सुरक्षा की ज़रूरत है।
आवश्यक दस्तावेज़
तत्काल सहायता के लिए किसी दस्तावेज़ की ज़रूरत नहीं है। पुनर्वास प्रक्रिया के दौरान बुनियादी पहचान जानकारी ली जा सकती है।
सहायता कैसे प्राप्त करें
- तत्काल खतरे में हों तो पुलिस (112) या महिला हेल्पलाइन (181) पर कॉल करें।
- मानव तस्करी की स्थिति में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) या पुलिस को सूचित करें।
- बचाव के बाद, पुलिस/CWC/NGO के माध्यम से नज़दीकी शक्ति सदन केंद्र से जोड़ा जाता है।
- केंद्र पर आश्रय, चिकित्सा और कानूनी सहायता तुरंत शुरू होती है।
- दीर्घकालिक पुनर्वास योजना (शिक्षा, कौशल, परिवार से पुनर्मिलन, या स्वतंत्र जीवन) पर काम शुरू होता है।