फ़ाइल क्रमांक CS-SWE-021 · केंद्रीय योजना · जनजातीय कार्य मंत्रालय

पीएम-जनमन — प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान

सबसे कमज़ोर आदिवासी समूहों (PVTG) के लिए एकीकृत विकास कार्यक्रम — घर, सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने पर केंद्रित।

यह योजना क्या देती है

15 नवंबर 2023 को शुरू हुआ पीएम-जनमन भारत के सबसे पिछड़े और भौगोलिक रूप से दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले विशेष रूप से कमज़ोर आदिवासी समूहों (PVTG) — देश में ऐसे 75 समूह चिन्हित हैं — तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का एक बहु-मंत्रालयी अभियान है। इसके तहत पक्के घर (PMAY-G के ज़रिए), सड़क संपर्क (PMGSY के ज़रिए), बिजली, नल का पानी (जल जीवन मिशन के ज़रिए), मोबाइल मेडिकल यूनिट के ज़रिए स्वास्थ्य सेवा, आंगनवाड़ी केंद्र, और छात्रावास जैसी सुविधाएं एक साथ, समन्वित तरीके से पहुंचाई जाती हैं। यह अभियान खासतौर पर उन समुदायों तक पहुंचने पर केंद्रित है, जो अब तक सामान्य विकास योजनाओं से सबसे ज़्यादा वंचित रहे हैं।

कौन पात्र है

  • देश के 75 चिन्हित विशेष रूप से कमज़ोर आदिवासी समूहों (PVTG) से संबंधित परिवार।
  • पात्रता आपके समुदाय के PVTG के रूप में आधिकारिक मान्यता पर निर्भर करती है — यह किसी व्यक्तिगत आय-आधारित मानदंड पर नहीं है।

लाभ कैसे प्राप्त करें

  1. यह एक क्षेत्र-आधारित, सामुदायिक कार्यक्रम है — व्यक्तिगत आवेदन की बजाय, अभियान PVTG बहुल गांवों में सीधे पहुंचता है।
  2. अपने गांव की स्थिति और चल रही परियोजनाओं की जानकारी के लिए स्थानीय जनजातीय कल्याण विभाग या ग्राम पंचायत से संपर्क करें।
  3. tribal.gov.in पर अभियान की प्रगति की जानकारी देखी जा सकती है।
  4. घर, सड़क, या पानी जैसी विशिष्ट सुविधा न मिलने की शिकायत के लिए ज़िला जनजातीय कल्याण अधिकारी से संपर्क करें।