यह योजना क्या देती है
13 फरवरी 2024 को शुरू हुई इस योजना का लक्ष्य 1 करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाना है। सिस्टम के आकार के अनुसार सब्सिडी दी जाती है — 2 किलोवाट तक ₹30,000/किलोवाट, अगले 1 किलोवाट के लिए ₹18,000, और अधिकतम ₹78,000 तक (3 किलोवाट या उससे बड़े सिस्टम के लिए)। एक सामान्य परिवार जो 1-2 किलोवाट का सिस्टम लगवाता है, वह हर महीने लगभग 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली पा सकता है, क्योंकि उत्पन्न बिजली सीधे घर की खपत में उपयोग होती है। अतिरिक्त बिजली को नेट-मीटरिंग के ज़रिए बिजली बोर्ड को वापस बेचा जा सकता है, जिससे अतिरिक्त आय भी संभव है। योजना कम ब्याज वाले बैंक ऋण की सुविधा भी देती है, ताकि सब्सिडी के बाद बची हुई राशि भी आसानी से चुकाई जा सके।
कौन पात्र है
- अपने घर का मालिक हो, जिसकी छत सोलर पैनल लगाने के लिए उपयुक्त हो।
- वैध बिजली कनेक्शन होना ज़रूरी है।
- पहले किसी अन्य केंद्रीय/राज्य सोलर सब्सिडी योजना का लाभ न लिया हो।
आवश्यक दस्तावेज़
- बिजली का बिल (उपभोक्ता संख्या सहित)
- आधार कार्ड
- बैंक खाता विवरण (सब्सिडी सीधे खाते में आती है)
- छत का स्वामित्व प्रमाण
आवेदन कैसे करें
- pmsuryaghar.gov.in पर जाकर अपने राज्य और बिजली वितरण कंपनी का चयन करें।
- अपना बिजली उपभोक्ता नंबर और मोबाइल नंबर देकर पंजीकरण करें।
- अपनी ज़रूरत के अनुसार सोलर सिस्टम की क्षमता के लिए आवेदन करें।
- बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) से तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद, किसी भी पंजीकृत वेंडर से सिस्टम लगवाएं।
- इंस्टॉलेशन के बाद, प्लांट का विवरण पोर्टल पर जमा करें और नेट मीटर के लिए आवेदन करें।
- निरीक्षण के बाद कमीशनिंग सर्टिफिकेट जनरेट होता है, और 30 दिनों के भीतर सब्सिडी सीधे आपके बैंक खाते में जमा होती है।