यह योजना क्या देती है
कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान सबसे अधिक प्रभावित समूहों में से एक — रेहड़ी-पटरी वाले, फेरीवाले, ठेले वाले — की मदद के लिए जून 2020 में शुरू हुई यह योजना उन्हें साहूकारों के भारी ब्याज से मुक्ति दिलाती है। पहला ऋण ₹10,000 तक बिना किसी गारंटी के मिलता है। समय पर या जल्दी चुकाने पर, वेंडर अगले चक्र में ₹20,000 के ऋण के लिए पात्र हो जाता है, और फिर तीसरे चक्र में ₹50,000 तक। समय पर पुनर्भुगतान पर 7% वार्षिक ब्याज सबवेंशन (छूट) भी मिलती है, और डिजिटल लेनदेन करने पर कैशबैक प्रोत्साहन भी दिया जाता है।
कौन पात्र है
- शहरी क्षेत्र में सड़क किनारे सामान या सेवाएं बेचने वाला कोई भी विक्रेता (सब्जी, फल, चाय, खाना, कपड़े आदि)।
- शहरी स्थानीय निकाय (ULB) द्वारा जारी वेंडिंग प्रमाण पत्र/पहचान पत्र धारक, या सर्वेक्षण में पहचाना गया विक्रेता।
- जिनके पास प्रमाण पत्र नहीं है, वे भी अस्थायी प्रमाण पत्र के साथ आवेदन कर सकते हैं (30 दिनों के भीतर ULB सत्यापन के अधीन)।
आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- वेंडिंग प्रमाण पत्र/पहचान पत्र (या ULB से पहचान पत्र)
- बैंक खाता विवरण
- मोबाइल नंबर
आवेदन कैसे करें
- pmsvanidhi.mohua.gov.in पर जाकर या अपने नज़दीकी CSC/शहरी स्थानीय निकाय कार्यालय में आवेदन करें।
- आधार और वेंडिंग प्रमाण पत्र/पहचान पत्र की जानकारी दर्ज करें।
- अपनी पसंद का ऋणदाता बैंक/NBFC/माइक्रोफाइनेंस संस्थान चुनें।
- आवेदन की समीक्षा और स्वीकृति के बाद, ऋण राशि सीधे बैंक खाते में जारी की जाती है।
- समय पर मासिक किस्त चुकाते रहें, ताकि ब्याज सबवेंशन का लाभ मिले और अगले, बड़े ऋण चक्र के लिए पात्रता बने।