फ़ाइल क्रमांक CS-SKL-016 · केंद्रीय योजना · सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना

पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए मुफ्त कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों हेतु टूलकिट अनुदान, और बिना गारंटी रियायती ऋण।

यह योजना क्या देती है

17 सितंबर 2023 को शुरू हुई यह योजना खास तौर पर 18 पारंपरिक व्यवसायों — बढ़ई, लोहार, सुनार, दर्जी, मोची, कुम्हार, धोबी, नाई, टोकरी बुनने वाले, और अन्य हस्तशिल्प कारीगरों — के लिए बनाई गई है। इसके तहत बुनियादी और उन्नत कौशल प्रशिक्षण (प्रशिक्षण के दौरान ₹500/दिन का वजीफा सहित), आधुनिक औजार खरीदने के लिए ₹15,000 का टूलकिट अनुदान (ई-वाउचर के रूप में), और व्यवसाय बढ़ाने के लिए दो चरणों में बिना गारंटी ऋण (पहले चरण में ₹1 लाख, दूसरे चरण में ₹2 लाख तक, रियायती ब्याज दर पर) दिया जाता है। हर लाभार्थी को एक पहचान पत्र और प्रमाण पत्र भी मिलता है, जो उन्हें एक मान्यता प्राप्त "विश्वकर्मा" के रूप में स्थापित करता है।

कौन पात्र है

  • 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र का कोई भी कारीगर, जो योजना की 18 सूचीबद्ध पारंपरिक व्यवसाय श्रेणियों में से किसी एक में काम करता हो।
  • पंजीकरण की तारीख पर उसी व्यवसाय में सक्रिय रूप से काम कर रहा हो (स्व-रोज़गार आधार पर, हाथ या औज़ारों से काम)।
  • पिछले 5 वर्षों में PMEGP, PM Mudra, या इसी तरह की स्वरोज़गार ऋण योजना से ऋण न लिया हो।
  • सरकारी सेवा में न हो।

आवश्यक दस्तावेज़

  • आधार कार्ड
  • राशन कार्ड (यदि उपलब्ध हो)
  • बैंक खाता विवरण
  • मोबाइल नंबर
  • व्यवसाय से जुड़े औज़ार/काम का प्रमाण (जहां लागू हो)

आवेदन कैसे करें

  1. अपने नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं, या pmvishwakarma.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण करें।
  2. आधार e-KYC से पहचान सत्यापित करें, और अपना व्यवसाय/शिल्प श्रेणी चुनें।
  3. ग्राम पंचायत/शहरी स्थानीय निकाय स्तर पर सत्यापन होता है।
  4. सत्यापन के बाद, PM विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और पहचान पत्र जारी किया जाता है।
  5. बुनियादी कौशल प्रशिक्षण में दाखिला लें, और प्रशिक्षण पूरा होने पर टूलकिट अनुदान पाएं।
  6. पहले चरण के ऋण के लिए आवेदन करें, और सफल कारोबार के आधार पर दूसरे चरण के लिए पात्र बनें।