फ़ाइल क्रमांक CS-TRN-006 · केंद्रीय योजना · आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय

स्मार्ट सिटीज़ मिशन

चुने गए 100 शहरों में बेहतर बुनियादी ढांचा, स्वच्छ एवं टिकाऊ पर्यावरण, और तकनीक-आधारित नागरिक सेवाएं विकसित करने का शहरी विकास मिशन।

ज़रूरी बात: यह एक शहर-स्तरीय बुनियादी ढांचा मिशन है, न कि कोई व्यक्तिगत नकद लाभ वाली योजना।

यह योजना क्या है

25 जून 2015 को शुरू हुए इस मिशन के तहत देश भर से प्रतिस्पर्धा के ज़रिए 100 शहर चुने गए, जिन्हें केंद्र सरकार से वित्तीय और तकनीकी सहायता मिलती है ताकि वे बेहतर पानी और बिजली आपूर्ति, स्वच्छता, कुशल शहरी परिवहन, किफायती आवास, मजबूत IT कनेक्टिविटी, ई-गवर्नेंस, टिकाऊ पर्यावरण, नागरिक सुरक्षा, और स्वास्थ्य-शिक्षा सुविधाएं विकसित कर सकें। हर शहर एक विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) के ज़रिए अपनी परियोजनाओं को लागू करता है, जिसमें एरिया-आधारित विकास (शहर के किसी हिस्से को पूरी तरह नया रूप देना) और पैन-सिटी समाधान (पूरे शहर में तकनीक-आधारित सुधार, जैसे स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल या इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर) दोनों शामिल होते हैं।

यह किसके लिए है

  • यह एक शहर-स्तरीय बुनियादी ढांचा योजना है — व्यक्तिगत लाभार्थी पात्रता की कोई अवधारणा नहीं है।
  • चुने गए 100 स्मार्ट शहरों के सभी निवासी अप्रत्यक्ष रूप से इसके लाभार्थी हैं।

अपने शहर की प्रगति कैसे देखें

  1. smartcities.gov.in पर जाकर अपने शहर का चयन करें (यदि वह 100 चुने गए शहरों में शामिल है)।
  2. शहर की SPV वेबसाइट पर चल रही परियोजनाओं, बजट और प्रगति की जानकारी देखी जा सकती है।
  3. कई शहरों में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) के ज़रिए नागरिक शिकायतें और सेवा अनुरोध भी दर्ज किए जा सकते हैं।