फ़ाइल क्रमांक CS-BIZ-051 · केंद्रीय योजना · वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय

स्टैंड-अप इंडिया योजना

अनुसूचित जाति/जनजाति और महिला उद्यमियों को नया व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का बैंक ऋण।

यह योजना क्या देती है

5 अप्रैल 2016 को शुरू हुई यह योजना विशेष रूप से उन समुदायों के लिए बनाई गई है जो पारंपरिक रूप से बैंक ऋण तक कम पहुंच रखते हैं। हर बैंक शाखा को कम से कम एक SC/ST उधारकर्ता और एक महिला उधारकर्ता को "ग्रीनफील्ड" उद्यम (यानी पूरी तरह नया व्यवसाय, मौजूदा का विस्तार नहीं) के लिए ऋण देना अनिवार्य है — विनिर्माण, व्यापार, सेवा क्षेत्र, या कृषि से जुड़ी गतिविधियों में। ऋण राशि परियोजना लागत के 75% तक कवर कर सकती है, और चुकाने की अवधि 7 वर्ष तक (18 महीने तक की मोहलत अवधि सहित) होती है। Stand-Up India Mitra पोर्टल हैंडहोल्डिंग सहायता भी देता है — व्यवसाय योजना बनाने से लेकर बैंक तक पहुंचने तक।

कौन पात्र है

  • अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) श्रेणी का उद्यमी, या कोई भी महिला उद्यमी।
  • 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र।
  • व्यवसाय पूरी तरह नया (ग्रीनफील्ड) होना चाहिए — मौजूदा व्यवसाय के विस्तार के लिए यह योजना नहीं है।
  • उधारकर्ता का बैंक ऋण में कोई डिफॉल्ट रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज़

  • पहचान प्रमाण (आधार, पैन)
  • जाति प्रमाण पत्र (SC/ST श्रेणी के लिए)
  • विस्तृत व्यवसाय योजना/प्रोजेक्ट रिपोर्ट
  • पता प्रमाण
  • बैंक खाता विवरण

आवेदन कैसे करें

  1. standupmitra.in पर पंजीकरण करें और अपनी श्रेणी (SC/ST/महिला) चुनें।
  2. अपनी व्यवसाय योजना और आवश्यक ऋण राशि की जानकारी भरें।
  3. पोर्टल आपको नज़दीकी बैंक शाखा और हैंडहोल्डिंग सहायता एजेंसी से जोड़ता है।
  4. बैंक द्वारा आवेदन और व्यवसाय योजना की समीक्षा की जाती है।
  5. स्वीकृति के बाद, ऋण राशि जारी की जाती है, और व्यवसाय शुरू करने में सहायता के लिए हैंडहोल्डिंग सहायता जारी रहती है।