यह योजना क्या देती है
16 जनवरी 2016 को शुरू हुई यह पहल DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को कई ठोस लाभ देती है: लगातार 10 वर्षों में से किसी भी 3 लगातार वर्षों के लिए 100% आयकर छूट, पेटेंट/ट्रेडमार्क फाइलिंग में तेज़ी और फीस में 80% तक की छूट, श्रम और पर्यावरण से जुड़े कानूनों के तहत स्व-प्रमाणन की सुविधा, आसान कंपनी बंद करने (एग्ज़िट) की प्रक्रिया, और सरकार द्वारा प्रबंधित "फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स" के ज़रिए वेंचर कैपिटल तक पहुंच। सरकारी खरीद (टेंडर) में भी स्टार्टअप्स को पूर्व अनुभव और टर्नओवर की शर्तों से छूट मिलती है, जिससे नए व्यवसायों के लिए बड़े सरकारी कॉन्ट्रैक्ट तक पहुंचना आसान होता है।
कौन पात्र है
- भारत में निगमित प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, पार्टनरशिप फर्म, या LLP, जो 10 वर्ष से कम पुरानी हो।
- वार्षिक टर्नओवर किसी भी वित्तीय वर्ष में ₹100 करोड़ से अधिक न हो।
- व्यवसाय नवाचार, नए उत्पाद/सेवा विकास, या मौजूदा प्रक्रिया में सुधार पर केंद्रित हो, न कि किसी मौजूदा व्यवसाय के पुनर्गठन से बना हो।
आवश्यक दस्तावेज़
- कंपनी/LLP निगमन प्रमाण पत्र
- पैन कार्ड
- व्यवसाय का संक्षिप्त विवरण (नवाचार का पहलू स्पष्ट करते हुए)
- निदेशकों/भागीदारों का पहचान प्रमाण
DPIIT मान्यता कैसे पाएं
- startupindia.gov.in पर जाकर अपनी कंपनी का पंजीकरण करें और प्रोफ़ाइल बनाएं।
- DPIIT मान्यता (Recognition) के लिए ऑनलाइन आवेदन करें, निगमन प्रमाण पत्र और व्यवसाय विवरण अपलोड करें।
- आवेदन की समीक्षा DPIIT द्वारा की जाती है — आमतौर पर कुछ ही दिनों में मान्यता प्रमाण पत्र मिल जाता है।
- मान्यता मिलने के बाद, आयकर छूट के लिए अलग से इंटर-मिनिस्टीरियल बोर्ड (IMB) को आवेदन करें।
- पोर्टल के ज़रिए इनक्यूबेटर, फंडिंग अवसरों और सरकारी योजनाओं तक भी पहुंच मिलती है।