यह योजना क्या देती है
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना छत्तीसगढ़ के भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को प्रति वर्ष ₹10,000 सीधे हस्तांतरण से देती है। यह राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का नया नाम है, जिसमें ₹7,000 मिलते थे; नई सरकार ने राशि बढ़ाई और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को ज़िम्मेदारी दी। लगभग 5.6 लाख पंजीकृत परिवारों को लाभ अपेक्षित है और लगभग ₹562 करोड़ रखे गए हैं। कृषि मजदूरों के अलावा, विभाग की पात्र व्यवसायों की सूची में भूमिहीन परिवारों के वनोपज संग्राहक, चरवाहे, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई और धोबी शामिल हैं। योजना भूमिहीन परिवारों के लिए है — जो परिवार भूमिधारक किसान के रूप में सहायता पाते हैं, उनके लिए अलग योजनाएं हैं।
कौन पात्र है
- छत्तीसगढ़ के मूल निवासी।
- भूमिहीन कृषि मजदूर परिवार; सूचीबद्ध व्यवसायों में भूमिहीन परिवारों के वनोपज संग्राहक, चरवाहे, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई और धोबी शामिल हैं।
- परिवार विभाग में पंजीकृत हो; लगभग 5.6 लाख पंजीकृत परिवारों को लाभ अपेक्षित है।
- आय की सटीक शर्तें प्रकाशित सारांशों में पुष्ट नहीं हैं — अपनी ग्राम पंचायत या तहसील में जांच लें।
आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण
- आय प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक (आधार-सीडेड)
- पासपोर्ट आकार का फोटो
- मोबाइल नंबर
आवेदन कैसे करें
- अपनी ग्राम पंचायत या तहसील कार्यालय से पता करें कि आपका परिवार पहले से पंजीकृत सूची में है या नहीं।
- विभाग के निर्देशानुसार आधिकारिक पोर्टल या ग्राम पंचायत के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करें।
- परिवार और बैंक का विवरण भरें और दस्तावेज़ लगाएं।
- आवेदन का सत्यापन राजस्व अधिकारी और ग्राम पंचायत करते हैं।
- स्वीकृति के बाद प्रति वर्ष ₹10,000 परिवार के बैंक खाते में सीधे हस्तांतरण से आते हैं।