यह योजना क्या देती है
2023 में शुरू हुई यह योजना एक अनूठी सोच पर आधारित है — राज्य सरकार खुद को अनाथ और बेसहारा बच्चों का "कानूनी अभिभावक" घोषित करती है, न कि केवल एक सहायता प्रदाता। इसके तहत माता-पिता खो चुके बच्चों, एकल-अभिभावक परिवारों के बच्चों, घरेलू हिंसा या दुर्व्यवहार से प्रभावित बच्चों, और ज़रूरतमंद बुजुर्गों को आश्रय, भोजन, कपड़े, शिक्षा (स्कूल फीस, किताबें), स्वास्थ्य देखभाल, और वयस्क होने पर कौशल प्रशिक्षण एवं रोज़गार सहायता दी जाती है। यह योजना बच्चे के 27 वर्ष की उम्र तक (उच्च शिक्षा और करियर स्थापना तक) समर्थन जारी रख सकती है।
कौन पात्र है
- 18 वर्ष से कम उम्र के अनाथ, बेसहारा, या दुर्व्यवहार-प्रभावित बच्चे।
- एकल-अभिभावक परिवारों के आर्थिक रूप से कमज़ोर बच्चे।
- बेसहारा और ज़रूरतमंद बुजुर्ग व्यक्ति, जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है।
आवश्यक दस्तावेज़
- माता-पिता की मृत्यु/अनुपस्थिति का प्रमाण (लागू होने पर)
- जन्म प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
सहायता कैसे प्राप्त करें
- अपने नज़दीकी बाल संरक्षण इकाई (CWC) या सामाजिक न्याय विभाग कार्यालय से संपर्क करें।
- ज़रूरतमंद बच्चे/बुजुर्ग की पहचान के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या स्कूल शिक्षक की मदद भी ली जा सकती है।
- पात्रता सत्यापन के बाद, बच्चे/व्यक्ति को योजना के तहत पंजीकृत किया जाता है और सहायता शुरू होती है।