यह योजना क्या देती है
मुख्यमंत्री श्रमिक — शहरी रोज़गार मंज़ूरी फॉर कामगार — योजना ग्रामीण रोज़गार गारंटी का झारखंड का शहरी रूप है। 2020 में शुरू, जब महामारी में बहुत से प्रवासी श्रमिक लौटे, यह सभी 51 शहरी स्थानीय निकायों में अकुशल श्रमिकों को वित्तीय वर्ष में 100 दिन के मज़दूरी वाले काम की कानूनी हक के रूप में गारंटी देती है: काम न मिले तो आवेदक बेरोज़गारी भत्ते का हकदार है। सत्यापन के बाद निःशुल्क जॉब कार्ड जारी होता है जो तीन वर्ष मान्य है, मांग के 15 दिन के भीतर काम देना होता है, और मांग कम से कम सात दिन की होनी चाहिए। काम आवास, स्वच्छता और सड़कों जैसी शहरी विकास परियोजनाओं में है। जॉब कार्ड ऑनलाइन, सामुदायिक संसाधन व्यक्ति, शहरी स्थानीय निकाय कार्यालय या वार्ड शिविरों से मिल सकता है।
कौन पात्र है
- 18 वर्ष या अधिक आयु का अकुशल श्रमिक जो शारीरिक काम करने को तैयार हो।
- झारखंड का निवासी जो 1 अप्रैल 2015 से पहले से शहरी स्थानीय निकाय क्षेत्र में, अपने या किराये के घर या झुग्गी में रह रहा हो।
- शहर में रह रहे ग्रामीण प्रवासी जिनके पास ग्रामीण रोज़गार गारंटी कार्ड नहीं, वे भी पात्र हो सकते हैं।
- एक जॉब कार्ड पर साल में अधिकतम 100 दिन का काम मिलता है।
आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- 1 अप्रैल 2015 से पहले से शहरी स्थानीय निकाय क्षेत्र में निवास का प्रमाण
- मज़दूरी भुगतान के लिए बैंक खाते का विवरण
- पासपोर्ट आकार के फोटो और मोबाइल नंबर
- जॉब कार्ड में जोड़े जाने वाले परिवार के सदस्यों का विवरण
आवेदन कैसे करें
- msy.jharkhand.gov.in पर ऑनलाइन, या सामुदायिक संसाधन व्यक्ति, अपने शहरी स्थानीय निकाय कार्यालय या वार्ड शिविर से जॉब कार्ड के लिए आवेदन करें।
- शहरी स्थानीय निकाय विवरण सत्यापित कर निःशुल्क जॉब कार्ड जारी करता है।
- कम से कम सात दिन के काम की मांग जमा करें।
- 15 दिन के भीतर काम आवंटित होता है; श्रमिक को किए गए दिनों का भुगतान मिलता है।
- निर्धारित समय में काम न मिले तो शहरी स्थानीय निकाय से बेरोज़गारी भत्ते का दावा करें।