यह योजना क्या देती है
लद्दाख के ऊंचाई वाले चांगथांग पठार क्षेत्र में पली चांगथांगी बकरियां दुनिया की सबसे बेहतरीन गुणवत्ता वाली पश्मीना ऊन देती हैं, जिससे प्रसिद्ध कश्मीरी शॉल बनती हैं — लेकिन यह अत्यंत कठोर जलवायु में पशुपालन का काम बहुत मेहनत वाला और जोखिम भरा है। यह योजना पश्मीना उत्पादन की मात्रा के आधार पर बकरी पालकों को सीधी प्रोत्साहन राशि देती है, ताकि इस पारंपरिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण आजीविका को बनाए रखा जा सके और नई पीढ़ी को भी इसमें बने रहने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
कौन पात्र है
- लद्दाख का चांगथांगी पश्मीना बकरी पालक।
- पशुपालन विभाग में पंजीकृत होना ज़रूरी है।
आवश्यक दस्तावेज़
- पशुपालक पंजीकरण प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड
- पश्मीना उत्पादन का रिकॉर्ड/प्रमाण
- बैंक खाता विवरण
आवेदन कैसे करें
- ladakh.gov.in पर जाकर या अपने नज़दीकी पशुपालन विभाग कार्यालय से संपर्क करें।
- पशुपालक पंजीकरण और उत्पादन रिकॉर्ड के साथ आवेदन जमा करें।
- सत्यापन के बाद, उत्पादन की मात्रा के अनुसार प्रोत्साहन राशि सीधे बैंक खाते में जमा होती है।