फ़ाइल क्रमांक SS-MP-AGR-004 · मध्य प्रदेश राज्य योजना · किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग

भावांतर भुगतान योजना (मध्य प्रदेश)

फसल MSP से नीचे बिकने पर मध्य प्रदेश के किसानों को अंतर की राशि, ई-उपार्जन पोर्टल पर — खरीफ 2026 सोयाबीन के लिए पंजीयन 3 से 17 अक्टूबर 2026 तक खुला है।

यह योजना क्या देती है

भावांतर भुगतान योजना, जो 16 अक्टूबर 2017 को शुरू हुई, मध्य प्रदेश के किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर बेचने के नुकसान से बचाती है। किसान पहले फसल का पंजीयन कराता है और अधिसूचित मंडी में बेचता है; यदि बिक्री भाव MSP से कम हो तो राज्य अंतर देता है — पर MSP और राज्य के मॉडल भाव के अंतर से अधिक कभी नहीं, यानी बहुत कम भाव पर बिक्री होने पर भी केवल MSP घटा मॉडल भाव ही मिलता है। केवल पंजीयन से भुगतान की गारंटी नहीं होती। खरीफ 2026 की सोयाबीन फसल के लिए पंजीयन 3 से 17 अक्टूबर 2026 तक ई-उपार्जन पोर्टल पर, एमपी ऑनलाइन कियोस्क, CSC, लोक सेवा केंद्र और साइबर कैफे में अधिकतम ₹50 शुल्क पर चलता है। सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वनपट्टाधारी किसान केवल सहकारी समितियों के केंद्रों पर पंजीयन कराते हैं, जहां राजस्व विभाग हर मामले का सत्यापन करता है।

कौन पात्र है

  • मध्य प्रदेश में अपनी या पट्टे की भूमि पर अधिसूचित फसल उगाने वाला किसान — खरीफ 2026 के लिए यह सोयाबीन है।
  • पंजीयन अवधि बंद होने से पहले किसान को ई-उपार्जन पर फसल का पंजीयन कराना होगा (खरीफ 2026 सोयाबीन के लिए 3–17 अक्टूबर 2026)।
  • भू-अभिलेख (खसरा) में दर्ज नाम आधार कार्ड के नाम से मेल खाना चाहिए; न खाए तो तहसील कार्यालय सत्यापन करता है, तब पंजीयन मान्य होता है।
  • उपज अधिसूचित मंडी में बेची जानी चाहिए; भुगतान MSP और बिक्री भाव का अंतर है, जो MSP घटा मॉडल भाव तक सीमित है।
  • सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वनपट्टाधारी किसान केवल सहकारी समितियों के केंद्रों पर पंजीयन कराते हैं, 100% राजस्व सत्यापन के साथ।

आवश्यक दस्तावेज़

  • आधार कार्ड (नाम भू-अभिलेख से मेल खाना चाहिए)
  • भू-अभिलेख — खसरा / खतौनी
  • आधार-सीडेड बैंक खाते का विवरण
  • फोटो पहचान पत्र
  • मोबाइल नंबर
  • किसान पंजीयन संख्या, यदि पहले से पंजीकृत हों

आवेदन कैसे करें

  1. पंजीयन अवधि में ई-उपार्जन पोर्टल (mpeuparjan.nic.in) पर जाएं या एमपी ऑनलाइन कियोस्क, CSC, लोक सेवा केंद्र या साइबर कैफे जाएं।
  2. अपनी किसान पंजीयन संख्या, आधार, भूमि विवरण और बैंक खाता दर्ज करें; ऑपरेटर भू-अभिलेख और आधार का सत्यापन करता है।
  3. पंजीयन शुल्क दें, जो ₹50 से अधिक नहीं हो सकता, और रसीद रखें।
  4. कटाई के बाद फसल अधिसूचित मंडी में बेचें और बिक्री का रिकॉर्ड रखें।
  5. विभाग भाव का अंतर गिनकर सीधे हस्तांतरण से आपके बैंक खाते में जमा करता है।