यह योजना क्या देती है
खेती मौसम पर निर्भर एक जोखिम भरा व्यवसाय है — एक खराब मौसम पूरे साल की मेहनत बर्बाद कर सकता है। PMFBY किसानों को इस जोखिम से बचाती है, और प्रीमियम इतना कम रखा गया है कि हर किसान इसे वहन कर सके: खरीफ फसलों के लिए सिर्फ 2%, रबी फसलों के लिए 1.5%, और वाणिज्यिक/बागवानी फसलों के लिए 5% — बाकी प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करती हैं। बुवाई से पहले से लेकर कटाई के बाद तक के जोखिम कवर होते हैं, जिसमें प्राकृतिक आपदा, कीट प्रकोप और बीमारी शामिल हैं। नुकसान का आकलन तकनीक (सैटेलाइट इमेजरी, ड्रोन) की मदद से तेज़ी से किया जाता है, ताकि दावा राशि जल्दी मिल सके।
कौन पात्र है
- अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल उगाने वाला कोई भी किसान — भूमिधारक या किरायेदार किसान।
- किसान क्रेडिट कार्ड या फसल ऋण लेने वाले किसानों के लिए नामांकन पहले अनिवार्य था, अब यह स्वैच्छिक है — फिर भी अपने बैंक/ऋणदाता को अपनी पसंद स्पष्ट रूप से बता दें।
- गैर-ऋणी किसान भी सीधे नामांकन करा सकते हैं।
आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- भूमि के स्वामित्व/बुवाई प्रमाण पत्र
- बैंक खाता विवरण
- बुवाई घोषणा पत्र (फसल और क्षेत्रफल)
आवेदन कैसे करें
- pmfby.gov.in पर जाएं, या अपने बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर, या कृषि विभाग कार्यालय से संपर्क करें।
- फसल बीमा नामांकन फॉर्म भरें, अपनी फसल और क्षेत्रफल की जानकारी दें।
- निर्धारित प्रीमियम राशि जमा करें (बाकी हिस्सा सरकार वहन करती है)।
- राज्य सरकार द्वारा तय बुवाई-कटाई की समय-सीमा के भीतर नामांकन ज़रूरी है।
- फसल खराब होने पर तुरंत अपने बैंक या बीमा कंपनी को सूचित करें — कुछ राज्यों में यह सैटेलाइट/ड्रोन डेटा से स्वतः भी हो जाता है।
- आकलन के बाद, दावा राशि सीधे बैंक खाते में जमा होती है।