यह योजना क्या देती है
1998 से चल रहा KCC किसानों को खेती के मौसमी खर्चों — बीज, खाद, कीटनाशक, मज़दूरी — के लिए बार-बार बैंक जाने की ज़रूरत से मुक्त करता है। एक बार कार्ड बन जाने पर, किसान अपनी स्वीकृत सीमा के भीतर जब चाहें पैसा निकाल सकता है, ठीक उसी तरह जैसे एक क्रेडिट कार्ड से। ₹3 लाख तक के ऋण पर सरकार की ब्याज सबवेंशन योजना के तहत सिर्फ 4% वार्षिक ब्याज लगता है (7% की मूल दर में से 3% की छूट), बशर्ते ऋण समय पर चुकाया जाए। KCC खेती के अलावा पशुपालन और मछली पालन से जुड़े किसानों को भी कवर करता है, और इसमें दुर्घटना बीमा कवर भी शामिल है।
कौन पात्र है
- भूमिधारक किसान (व्यक्तिगत या संयुक्त)।
- किरायेदार किसान, बटाईदार, और मौखिक पट्टेदार भी पात्र हैं।
- स्वयं सहायता समूह (SHG) या संयुक्त देयता समूह (JLG) के माध्यम से किसान।
- पशुपालन और मछली पालन में लगे किसान भी अलग KCC श्रेणी के तहत पात्र हैं।
आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- भूमि के स्वामित्व/पट्टे के दस्तावेज़
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- बैंक खाता विवरण
आवेदन कैसे करें
- किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र, सहकारी, या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की शाखा में जाएं, या pmkisan.gov.in के ज़रिए KCC आवेदन की जानकारी लें।
- KCC आवेदन फॉर्म भरें और भूमि के दस्तावेज़ जमा करें।
- बैंक आपकी भूमि के आकार और फसल के अनुसार ऋण सीमा तय करता है।
- स्वीकृति के बाद, कार्ड जारी किया जाता है, जिससे आप ज़रूरत पड़ने पर एटीएम या बैंक से पैसा निकाल सकते हैं।
- PM-KISAN के लाभार्थी सरल आवेदन फॉर्म के ज़रिए भी KCC के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसमें कम दस्तावेज़ लगते हैं।