यह योजना क्या देती है
मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, जो 10 जुलाई 2025 को लगभग ₹400 करोड़ के परिव्यय के साथ घोषित हुई, पशुओं का एक वर्ष के लिए निःशुल्क बीमा करती है — पूरा प्रीमियम राज्य देता है। इसमें देशी और संकर दुधारू गाय-भैंस, ऊंट, तथा मादा बकरी और भेड़ शामिल हैं, और शुरुआती लक्ष्य पांच लाख गाय-भैंस, पांच लाख भेड़-बकरी और एक लाख ऊंट का है। बीमित मूल्य पशु की आयु, स्वास्थ्य और दूध उत्पादन से तय होता है — गाय, भैंस या ऊंट के लिए ₹40,000 तक और बकरी या भेड़ के लिए ₹4,000 तक। एक परिवार दो गाय, दो भैंस, एक-एक, दस बकरी या भेड़, या एक ऊंट का बीमा करा सकता है। पंजीकरण जनआधार संख्या से होता है और दावे के लिए 181 पर कॉल करना होता है।
कौन पात्र है
- राजस्थान का पशुपालक, जिसके पास जनआधार कार्ड हो।
- प्रति परिवार: अधिकतम दो गाय, दो भैंस या एक गाय और एक भैंस; या दस बकरी या भेड़; या एक ऊंट।
- पशु की आयु सीमा: गाय 3–12 वर्ष, भैंस 4–12, मादा बकरी या भेड़ 1–6, ऊंट 2–15।
- बीमित मूल्य आयु, स्वास्थ्य और दूध उत्पादन पर निर्भर — ₹40,000 तक (गाय, भैंस, ऊंट) और ₹4,000 तक (बकरी, भेड़)।
आवश्यक दस्तावेज़
- जनआधार कार्ड
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण
- मोबाइल नंबर
- बैंक खाते का विवरण
- पशु के साथ पशुपालक का फोटो
आवेदन कैसे करें
- योजना पोर्टल (mmpby.rajasthan.gov.in) खोलें और अपनी जनआधार संख्या दर्ज करें।
- बीमा कराए जाने वाले पशुओं का विवरण भरें और पशु के साथ फोटो सहित दस्तावेज़ अपलोड करें।
- जमा करें; पॉलिसी के दस्तावेज़ आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आ जाते हैं।
- बीमित पशु की मृत्यु होने पर सूचना देने और दावा शुरू करने के लिए 181 (या हेल्पलाइन 0141-2742709) पर कॉल करें।
- दावे के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत पशु का फोटो, पॉलिसी के कागज़ और बैंक विवरण तैयार रखें।