फ़ाइल क्रमांक CS-PSJ-002 · केंद्रीय योजना · गृह मंत्रालय

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल

ऑनलाइन धोखाधड़ी, हैकिंग, और महिलाओं/बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध की मुफ्त शिकायत दर्ज करें — टोल-फ्री हेल्पलाइन 1930 के साथ।

यह सेवा क्या देती है

बढ़ते ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराधों से निपटने के लिए बना यह पोर्टल एक केंद्रीकृत शिकायत तंत्र है — जिससे पीड़ित को अलग-अलग थानों में भटकने की ज़रूरत नहीं पड़ती। पोर्टल पर ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी (UPI, कार्ड, बैंकिंग फ्रॉड), सोशल मीडिया अपराध, महिलाओं/बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन उत्पीड़न, हैकिंग, और साइबर बुलिंग जैसी शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात — वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में, हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत कॉल करने से पैसा वापस पाने (या रोकने) की संभावना काफी बढ़ जाती है, क्योंकि जल्दी रिपोर्ट करने पर बैंक धोखेबाज़ के खाते में पैसा फ्रीज़ करा सकता है।

कौन शिकायत दर्ज कर सकता है

  • साइबर अपराध का शिकार हुआ कोई भी भारतीय नागरिक।
  • महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की शिकायत गुमनाम रूप से भी दर्ज की जा सकती है।

आवश्यक जानकारी

  • अपना मोबाइल नंबर (OTP सत्यापन के लिए)
  • घटना का विवरण, तारीख, और समय
  • स्क्रीनशॉट, ट्रांजेक्शन ID, या अन्य सबूत (जहां उपलब्ध हों)

शिकायत कैसे दर्ज करें

  1. वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में, सबसे पहले 1930 पर कॉल करें — जितनी जल्दी रिपोर्ट करें, पैसा वापस पाने की संभावना उतनी अधिक।
  2. इसके बाद cybercrime.gov.in पर जाकर विस्तृत ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
  3. "रिपोर्ट साइबर क्राइम" चुनें — महिलाओं/बच्चों से जुड़े मामलों के लिए अलग विकल्प भी उपलब्ध है।
  4. घटना का विवरण, तारीख, और उपलब्ध सबूत (स्क्रीनशॉट आदि) अपलोड करें।
  5. शिकायत दर्ज होने पर एक शिकायत संख्या मिलती है — इसे भविष्य में स्थिति जांचने के लिए सुरक्षित रखें।