यह योजना क्या देती है
29 जून 2020 को शुरू हुई यह योजना उन लाखों छोटे, अक्सर घर-आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को औपचारिक और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए बनाई गई है — जैसे अचार, पापड़, मसाले, तेल, बेकरी उत्पाद, या स्थानीय पारंपरिक खाद्य पदार्थ बनाने वाले छोटे उद्यमी। पात्र इकाइयों को परियोजना लागत का 35% (अधिकतम ₹10 लाख) सब्सिडी के रूप में मिलता है, जो उपकरण अपग्रेड, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, और गुणवत्ता प्रमाणन (FSSAI) में मदद करता है। इसके अलावा "एक ज़िला एक उत्पाद" (ODOP) दृष्टिकोण के तहत, हर ज़िले के पारंपरिक/स्थानीय उत्पाद को खास पहचान और सहायता दी जाती है, और स्वयं सहायता समूहों को बीज पूंजी (Seed Capital) भी उपलब्ध है।
कौन पात्र है
- मौजूदा असंगठित सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम — व्यक्तिगत, स्वयं सहायता समूह, या उत्पादक सहकारी समिति।
- उद्यम कम से कम एक वर्ष से परिचालन में होना चाहिए (नए उद्यम कुछ श्रेणियों में विचारित हो सकते हैं)।
- ज़िले के ODOP उत्पाद से जुड़े उद्यमों को प्राथमिकता मिलती है, लेकिन यह अनिवार्य शर्त नहीं है।
आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- व्यवसाय पंजीकरण/उद्यम पंजीकरण प्रमाण
- बैंक खाता विवरण
- परियोजना प्रस्ताव/व्यवसाय योजना
आवेदन कैसे करें
- pmfme.mofpi.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें, या अपने राज्य के खाद्य प्रसंस्करण नोडल विभाग से संपर्क करें।
- अपना व्यवसाय विवरण, परियोजना लागत, और आवश्यक सब्सिडी राशि की जानकारी भरें।
- आवेदन की समीक्षा ज़िला स्तर पर होती है, जिसमें बैंक ऋण की स्वीकृति भी शामिल हो सकती है।
- स्वीकृति के बाद, सब्सिडी राशि बैंक के माध्यम से आपके ऋण खाते में समायोजित होती है।
- प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता भी संबंधित ज़िला संसाधन व्यक्ति (DRP) के माध्यम से उपलब्ध है।