यह योजना क्या देती है
मुमकिन योजना, जो उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मिशन यूथ के तहत शुरू की, जम्मू-कश्मीर के बेरोज़गार युवाओं को लोड कैरियर और पिकअप जैसे छोटे वाणिज्यिक वाहनों का मालिक-चालक बनने में मदद करती है। बैंकिंग साझेदार ऑन-रोड कीमत का 100% तक ऋण देता है। फिर मिशन यूथ ₹80,000 या ऑन-रोड कीमत के 10%, जो कम हो, की अग्रिम सब्सिडी देता है, और वाहन निर्माता कम से कम उतनी ही विशेष छूट देता है, दोनों लाभार्थी के ऋण खाते में जमा होती हैं। आवेदन जम्मू-कश्मीर ई-सेवा पोर्टल से ऑनलाइन होते हैं, और ऋण लगभग 15 दिन में प्रोसेस होने की खबर थी। पात्रता अधिकतर 18 से 35 वर्ष की आयु और कक्षा 10 या उससे ऊपर के रूप में दी जाती है, हालांकि मिशन यूथ के FAQ पृष्ठ पर आयु और योग्यता की अलग सीमाएं हैं।
कौन पात्र है
- जम्मू-कश्मीर का अधिवासी बेरोज़गार निवासी, लगभग 18 से 35 वर्ष की आयु।
- कक्षा 10 या उससे ऊपर की योग्यता (FAQ पृष्ठ में कक्षा 12 और 40 वर्ष तक की आयु भी है — पुष्टि करें)।
- वैध ड्राइविंग लाइसेंस से चयन की संभावना बढ़ती है।
- वाहन साझेदार निर्माता का नया छोटा वाणिज्यिक वाहन हो।
आवश्यक दस्तावेज़
- अधिवास प्रमाण पत्र या राशन कार्ड
- वैध ड्राइविंग लाइसेंस
- आधार कार्ड और आयु प्रमाण
- शैक्षिक प्रमाण पत्र
- बैंक खाते का विवरण और फोटो, और ऋण के लिए बैंक के मांगे दस्तावेज़
आवेदन कैसे करें
- जम्मू-कश्मीर ई-सेवा पोर्टल पर जाएं और वित्त या मिशन यूथ अनुभाग खोलें, या मिशन यूथ पोर्टल।
- पंजीकरण करें, अपने चुने वाहन के लिए आवेदन भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें।
- स्वीकृति के बाद बैंकिंग साझेदार ऑन-रोड कीमत के 100% तक ऋण प्रोसेस करता है।
- मिशन यूथ की सब्सिडी और निर्माता की छूट लगभग एक माह में आपके ऋण खाते में जमा होती है।
- घटे हुए ऋण को किस्तों में चुकाएं और वाहन का परिवहन कार्य में उपयोग करें।