यह योजना क्या देती है
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, जो 14 सितंबर 2019 को शुरू हुई, किसानों के लिए राज्य-वित्तपोषित दुर्घटना सुरक्षा है — कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता। यदि किसी किसान की दुर्घटना में मृत्यु हो जाए, या वह पूर्ण दिव्यांग हो जाए (दोनों हाथ, दोनों पैर या दोनों आंखें, या एक हाथ और एक पैर की क्षति), तो परिवार को ₹5 लाख तक मिलता है; आंशिक दिव्यांगता पर ₹2.5 लाख बताया गया है। यह पुरानी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना कार्ड योजना से अलग है, जिसे वेबसाइटें अक्सर इससे मिला देती हैं। मई 2025 में राजस्व विभाग ने सभी ज़िलाधिकारियों को बताया कि अब दुर्घटना के 180 दिन के भीतर दावा किया जा सकता है, जो पहले 45 दिन था, और 2025-26 में योजना का बजट बढ़ाकर ₹1,150 करोड़ किया गया।
कौन पात्र है
- उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी, दुर्घटना के समय आयु 18 से 70 वर्ष।
- राज्य के राजस्व अभिलेखों में खातेदार या सह-खातेदार दर्ज, जिनकी मुख्य आय उसी भूमि से हो।
- मृत्यु या दिव्यांगता दुर्घटना के कारण हुई हो।
- दावा दुर्घटना के 180 दिन के भीतर करना होगा (मई 2025 में 45 दिन से बढ़ाया गया)।
आवश्यक दस्तावेज़
- तहसील से खतौनी की प्रमाणित प्रति
- FIR या दुर्घटना रिपोर्ट, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट या मृत्यु प्रमाण पत्र (मृत्यु के दावे के लिए)
- चिकित्सा बोर्ड का दिव्यांगता प्रमाण पत्र (दिव्यांगता के दावे के लिए)
- दावेदार या नामित व्यक्ति का आधार कार्ड और बैंक खाते का विवरण
- दावेदार का पहचान और संबंध प्रमाण
आवेदन कैसे करें
- अपनी तहसील या ज़िलाधिकारी कार्यालय (लेखपाल या तहसीलदार के माध्यम से) से आवेदन फॉर्म लें।
- दावेदार का विवरण, दुर्घटना का विवरण और बैंक खाता भरें।
- खतौनी, FIR, मृत्यु या दिव्यांगता प्रमाण पत्र और पहचान दस्तावेज़ संलग्न करें।
- दुर्घटना के 180 दिन के भीतर तहसील में जमा करें।
- ज़िलाधिकारी कार्यालय दावे का सत्यापन करता है और राशि DBT से लाभार्थी के बैंक खाते में दी जाती है।