यह योजना क्या देती है
जनपद एक उत्पाद (ODOP) उत्तर प्रदेश की वह रणनीति है जिसमें 75 ज़िलों में से हर एक के एक विशिष्ट उत्पाद को बढ़ावा दिया जाता है — वाराणसी का रेशम, आगरा का चमड़ा, मुरादाबाद का पीतल, लखनऊ की चिकनकारी, फ़िरोज़ाबाद का कांच आदि। मार्जिन मनी योजना इसका वित्तीय पक्ष है: जो इकाई ज़िले का ODOP उत्पाद बनाती है और बैंक से ऋण लेती है, उसे परियोजना लागत का एक हिस्सा अनुदान के रूप में मिलता है, जिससे उद्यमी का अपना योगदान घटता है। अनुदान ₹25 लाख तक की परियोजना पर लागत का 25% (अधिकतम ₹6.25 लाख) है; ₹25–50 लाख पर ₹6.25 लाख या 20%, जो अधिक हो; ₹50–150 लाख पर ₹10 लाख या 10%, जो अधिक हो; और ₹150 लाख से ऊपर 10%, अधिकतम ₹20 लाख।
कौन पात्र है
- उत्तर प्रदेश के निवासी, आयु कम से कम 18 वर्ष; शैक्षिक योग्यता की कोई शर्त नहीं।
- इकाई आपके ज़िले के लिए चिन्हित ODOP उत्पाद बनाती या प्रसंस्कृत करती हो — कारीगर, बुनकर, शिल्पकार, किसान, महिला उद्यमी और MSME इकाइयां सभी शामिल हैं।
- बैंक ऋण से वित्तपोषित नई या विस्तार वाली परियोजना।
- आवेदक या इकाई किसी बैंक, वित्तीय संस्था या सरकारी निकाय की चूककर्ता न हो।
आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- उत्तर प्रदेश के निवास का प्रमाण
- विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और मशीनरी के कोटेशन
- ज़िले का ODOP उत्पाद बनाने का प्रमाण (कारीगर प्रमाण पत्र या इकाई पंजीकरण, जहां लागू हो)
- बैंक खाते का विवरण
- पासपोर्ट आकार का फोटो
आवेदन कैसे करें
- ODOP पोर्टल (odopup.in) पर देखें कि आपके ज़िले का ODOP उत्पाद कौन सा है।
- परियोजना रिपोर्ट बनाएं और परियोजना लागत तय करें, जिससे मार्जिन मनी का स्लैब तय होता है।
- यूपी MSME या ODOP पोर्टल पर मार्जिन मनी योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करें और दस्तावेज़ अपलोड करें।
- ज़िला उद्योग केंद्र (DIC) आवेदन का सत्यापन कर उसे बैंक को भेजता है।
- बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत होने के बाद योजना दिशानिर्देशों के अनुसार परियोजना के विरुद्ध मार्जिन मनी जारी की जाती है।