यह योजना क्या देती है
राजीव गांधी स्वरोज़गार योजना, जो 2023 में शुरू हुई, हिमाचल के युवाओं को अपना उद्यम शुरू करने में मदद करती है। यह संयंत्र, मशीनरी और उपकरण पर ₹60 लाख की अधिकतम निवेश सीमा तक 25% निवेश सब्सिडी देती है, जो अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए 30% और महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों तथा दिव्यांगजन के लिए 35% है। यह इलेक्ट्रिक टैक्सी, बस और ट्रक खरीदने पर 50% सब्सिडी भी देती है, और एक मेगावाट तक की वाणिज्यिक सोलर परियोजनाओं, दंत चिकित्सालयों और प्रसंस्करण सहित मत्स्य परियोजनाओं को कवर करती है। बैंक परियोजना लागत का 90% ऋण देते हैं और लाभार्थी 10% लगाता है। जुलाई 2026 में ऊपरी आयु सीमा 45 से 50 की गई, न्यूनतम 23 रही और महिलाओं को पांच वर्ष और मिले। दूसरा चरण 21 से 45 वर्ष के युवाओं को 30% सरकारी इक्विटी के साथ सोलर स्टार्ट-अप देता है।
कौन पात्र है
- 23 से 50 वर्ष का हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी; महिलाओं को ऊपरी सीमा पर पांच वर्ष और मिलते हैं।
- निवेश सब्सिडी के लिए: संयंत्र, मशीनरी या उपकरण की परियोजना, ₹60 लाख की सीमा तक।
- 50% ई-टैक्सी सब्सिडी के लिए: आवेदक कम से कम 23 वर्ष का हो।
- लाभार्थी परियोजना लागत का 10% लगाता है और बैंक 90% ऋण देता है।
आवश्यक दस्तावेज़
- हिमाचल निवासी प्रमाण पत्र और आधार कार्ड
- विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और मशीनरी या वाहन के कोटेशन
- ऊंची सब्सिडी का दावा करने पर जाति या दिव्यांगता प्रमाण पत्र
- बैंक ऋण स्वीकृति पत्र
- शैक्षिक और आयु प्रमाण, पासपोर्ट आकार के फोटो
आवेदन कैसे करें
- परियोजना रिपोर्ट तैयार करें और श्रेणी तय करें — निवेश सब्सिडी, ई-वाहन या सोलर परियोजना।
- विभाग के ऑनलाइन पोर्टल या अपने ज़िला उद्योग केंद्र या रोज़गार कार्यालय से आवेदन करें।
- 10% मार्जिन जमा करने के बाद परियोजना लागत के 90% ऋण के लिए बैंक से संपर्क करें।
- ऋण वितरित होने और संपत्ति खरीदने पर सब्सिडी जारी होती है; ई-टैक्सी सब्सिडी मार्जिन राशि और पहली किस्त के तीन माह के भीतर देनी है।
- सत्यापन के लिए चालान और पंजीकरण के कागज़ात तैयार रखें।